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भारत में त्योहारी खरीद के दौरान नो-कॉस्ट किस्त चुन रहे हैं? दुकानदार की ब्याज-बराबर छूट, बैंक की फीस, GST और सामान लौटाने की शर्तें अलग हैं। सिर्फ छोटी मासिक किस्त देखकर फैसला न करें।

क्रेडिट कार्ड का मिनिमम ड्यू भरना पूरा बिल चुकाना नहीं है
त्योहारी खरीद के बाद छोटी भुगतान राशि राहत जैसी लग सकती है। लेकिन भारत में क्रेडिट कार्ड का केवल न्यूनतम बकाया भरने से ब्याज-मुक्त अवधि नहीं बचती; नई खरीद पर भी ब्याज लग सकता है।

UDGAM पर पुराना खाता मिलना भुगतान नहीं है: दावा उसी बैंक से करें
RBI का केंद्रीकृत पोर्टल कई बैंकों में दावा-रहित जमा खोजने में मदद करता है। परिणाम मिलने के बाद असली काम संबंधित बैंक की KYC और दावा प्रक्रिया से पूरा होता है।

₹5 लाख जमा बीमा: एक बैंक की शाखाएँ जुड़ती हैं, अलग बैंक अलग गिने जाते हैं
DICGC सीमा हर खाते पर अलग नहीं लगती। एक ही अधिकार और क्षमता में रखे उसी बैंक के बचत, चालू, आवर्ती और सावधि जमा जोड़कर देखे जाते हैं; दूसरे बैंक की सीमा अलग होती है।

अपनों की आवाज़ में पैसे माँगे जाएँ? कॉल काटें, दूसरे रास्ते से पुष्टि करें
आवाज़ पहचान में आना अब भुगतान का प्रमाण नहीं है। घबराहट के क्षण में कॉल बंद करें, अपने नंबर से वापस संपर्क करें और बैंक को सूचना दें। यह छोटा क्रम नुकसान की संभावना घटा सकता है।