Sona.
दुनिया की खबरें, हिन्दी में साफ़ संदर्भ
पैसा

UDGAM पर पुराना खाता मिलना भुगतान नहीं है: दावा उसी बैंक से करें

RBI का केंद्रीकृत पोर्टल कई बैंकों में दावा-रहित जमा खोजने में मदद करता है। परिणाम मिलने के बाद असली काम संबंधित बैंक की KYC और दावा प्रक्रिया से पूरा होता है।

पुरानी खाली पासबुकों पर आवर्धक शीशे से निकलता रास्ता अलग-अलग बैंक भवनों की ओर जाता हुआ एक संकल्पनात्मक चित्र
UDGAM खोज का रास्ता दिखाता है; रकम का दावा संबंधित बैंक में होता है। यह किसी वास्तविक पोर्टल स्क्रीन या दस्तावेज़ की तस्वीर नहीं है। AI से बनाई गई छवि

पुरानी नौकरी का वेतन खाता, वर्षों पहले पूरी हुई सावधि जमा या किसी दिवंगत रिश्तेदार का भूला बैंक खाता: ऐसी रकम खोजने के लिए हर बैंक की वेबसाइट अलग-अलग देखने की जरूरत कम करने वाला एक आधिकारिक रास्ता है: भारतीय रिज़र्व बैंक का UDGAM पोर्टल। इसका पूरा नाम Unclaimed Deposits–Gateway to Access inforMation है। यह कई सहभागी बैंकों के दावा-रहित जमा को एक केंद्रीकृत खोज में दिखाता है।

सबसे जरूरी सीमा पहले समझें: UDGAM रकम का भुगतान नहीं करता। RBI की FAQ साफ कहती है कि पोर्टल केवल जमा या खाते को खोजने और संबंधित बैंक की दावा प्रक्रिया बताने में मदद करता है। रकम उसी बैंक से मांगी जाती है जहाँ खाता था। इसलिए खोज परिणाम को मंजूर दावा, उपलब्ध बैलेंस का अंतिम प्रमाण या RBI की ओर से भुगतान आदेश न समझें।

‘दावा-रहित जमा’ का मतलब क्या है?

RBI की Depositor Education and Awareness (DEA) Fund FAQ के अनुसार, बैंक खाते में ऐसी क्रेडिट रकम जिस पर जमाकर्ता ने दस वर्ष या उससे अधिक समय तक कोई संचालन नहीं किया, या जो दस वर्ष से दावा-रहित है, DEA Fund में स्थानांतरित की जाती है। इसमें बचत, चालू, सावधि और आवर्ती जमा समेत कई प्रकार की शेष राशियां आ सकती हैं।

फंड में स्थानांतरण का अर्थ यह नहीं कि ग्राहक का दावा खत्म हो गया। RBI बताता है कि जमाकर्ता अपने बैंक से रकम मांग सकता है; मृत जमाकर्ता के मामले में कानूनी वारिस भी लागू दस्तावेज़ों के साथ दावा कर सकते हैं। ब्याज वाले जमा पर बैंक योजना के अनुसार देय ब्याज समेत भुगतान करता है और बाद में DEA Fund से प्रतिपूर्ति लेता है। योजना में ग्राहक के दावा करने के लिए कोई विशेष अंतिम समय सीमा तय नहीं है, फिर भी पता चलते ही प्रक्रिया शुरू करना बेहतर है।

खोज शुरू करने से पहले क्या जुटाएं?

UDGAM पर पंजीकरण के लिए उपयोगकर्ता का नाम और मोबाइल नंबर चाहिए। व्यक्तिगत खाते की खोज में खाताधारक का नाम और एक या अधिक बैंक चुने जाते हैं। इसके साथ PAN, ड्राइविंग लाइसेंस नंबर, मतदाता पहचान नंबर, पासपोर्ट नंबर या जन्मतिथि में से उपलब्ध जानकारी दी जा सकती है। इनमें से कोई पहचान विवरण उपलब्ध न हो तो RBI FAQ के अनुसार खाताधारक का पता देकर भी खोज की जा सकती है।

पुराने रिकॉर्ड में वर्तनी बदल सकती है। विवाह से पहले का नाम, मध्य नाम, आद्याक्षर, पुराने शहर का पता या बैंक में दर्ज अलग क्रम परिणाम प्रभावित कर सकता है। पहले वही नाम इस्तेमाल करें जो पुराने पासबुक, जमा रसीद, चेकबुक या कर दस्तावेज़ पर दिखता है। परिवार के मृत सदस्य के खाते की खोज कर रहे हों तो उनके दस्तावेज़ों में दर्ज नाम और जन्मतिथि से शुरुआत करें; अपना नाम डालकर खोजने से वह रिकॉर्ड नहीं मिलेगा।

सिर्फ आधिकारिक डोमेन से शुरुआत करें

ब्राउज़र में पता स्वयं लिखें: udgam.rbi.org.in। किसी विज्ञापन, संदेश या अनजान एजेंट के लिंक से पासपोर्ट, PAN या मोबाइल जानकारी न भरें। पोर्टल का काम खोज है, इसलिए कोई पेज यदि ‘रकम तुरंत छुड़ाने’ के लिए शुल्क, OTP, कार्ड PIN या रिमोट-एक्सेस ऐप मांगता है तो प्रक्रिया रोककर बैंक के आधिकारिक संपर्क से सत्यापन करें।

RBI की मार्च 2024 की FAQ में 30 सहभागी बैंकों का उल्लेख था, जो उस समय DEA Fund में मूल्य के आधार पर लगभग 90 प्रतिशत दावा-रहित जमा को कवर करते थे। यह तारीख-सापेक्ष आंकड़ा है। 2026 में खोज करते समय पोर्टल के मुखपृष्ठ पर उपलब्ध बैंकों की वर्तमान सूची देखें; किसी बैंक का परिणाम न दिखना यह साबित नहीं करता कि वहाँ आपका पुराना खाता नहीं है। जरूरत हो तो बैंक की अपनी दावा-रहित जमा सूची या शाखा से भी जांच करें।

परिणाम मिलने के बाद अगला कदम

सफल खोज के बाद पोर्टल बैंक की दावा या निपटान प्रक्रिया की जानकारी देता है। उसे नोट करें और संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट, ग्राहक सेवा या शाखा से दस्तावेज़ सूची की पुष्टि करें। आम तौर पर पहचान और पते का प्रमाण, पुराने खाते या जमा से जुड़ा प्रमाण और अद्यतन KYC मांगी जा सकती है; लेकिन ठीक सूची बैंक, खाते के प्रकार और दावेदार की स्थिति पर निर्भर करती है।

यदि मूल जमाकर्ता जीवित है, तो बैंक खाते को फिर सक्रिय करने या रकम चुकाने की प्रक्रिया बता सकता है। यदि जमाकर्ता की मृत्यु हो चुकी है, तो नामांकन, मृत्यु प्रमाणपत्र, उत्तराधिकार या कानूनी वारिस से जुड़े दस्तावेज़ लागू हो सकते हैं। परिवार में कई दावेदार हों या दस्तावेज़ मेल न खाते हों तो बैंक से लिखित चेकलिस्ट और आवेदन की प्राप्ति लें।

UDGAM परिणाम में UDRN यानी Unclaimed Deposit Reference Number उपयोग होता है। RBI के अनुसार यह विशिष्ट संदर्भ संख्या बैंक की कोर बैंकिंग प्रणाली बनाती है, ताकि तीसरा व्यक्ति केवल संख्या से खाताधारक या शाखा की पहचान न कर सके और शाखा दावा खोज सके। इस संदर्भ को सार्वजनिक पोस्ट में साझा न करें; इसे बैंक के आधिकारिक दावा चैनल में ही इस्तेमाल करें।

दावा अटक जाए तो रिकॉर्ड बनाएं

जमा रकम तुरंत मिलने की गारंटी नहीं है। पुराने हस्ताक्षर, बदला पता, नाम में अंतर, बैंक विलय या वारिसी दस्तावेज़ के कारण अतिरिक्त जांच हो सकती है। आवेदन की तारीख, शाखा, अधिकारी या टिकट नंबर, जमा किए दस्तावेज़ और लिखित उत्तर की प्रति रखें। मूल दस्तावेज़ केवल सत्यापन के लिए दिखाएं; जमा करने की जरूरत हो तो प्राप्ति और प्रतिलिपि रखें।

यदि बैंक और रिकॉर्ड का मेल ही नहीं बैठता, तो पहले बैंक के शिकायत निवारण अधिकारी से लिखित उत्तर मांगें। शिकायत के अगले चरण बैंक की नीति और RBI की लागू शिकायत व्यवस्था पर निर्भर करेंगे। केवल खोज परिणाम के आधार पर सोशल मीडिया पर खाता संख्या, PAN या परिवार के दस्तावेज़ प्रकाशित न करें।

एक व्यावहारिक खोज क्रम

  • पुराने पासबुक, जमा रसीद, कर कागज और पते इकट्ठे करें।
  • UDGAM का RBI डोमेन स्वयं खोलें और मोबाइल से पंजीकरण करें।
  • खाताधारक का पुराना दर्ज नाम और संभावित बैंक चुनें।
  • एक उपलब्ध पहचान विवरण या पुराना पता डालकर खोजें।
  • परिणाम और UDRN को निजी रूप से सुरक्षित रखें।
  • उसी बैंक की आधिकारिक दावा प्रक्रिया और दस्तावेज़ सूची लें।
  • आवेदन की प्राप्ति और हर पत्राचार का रिकॉर्ड रखें।

UDGAM की उपयोगिता यह है कि वह खोज को एक जगह से शुरू कराता है। उसकी सीमा यह है कि वह बैंक की पहचान, KYC और उत्तराधिकार जांच को बदल नहीं सकता। सही अपेक्षा यही है: पोर्टल पर संकेत खोजें, फिर संबंधित बैंक में दस्तावेज़ के साथ दावा पूरा करें।

संपादकीय नोट। यह सामान्य बैंकिंग जानकारी है, कानूनी या व्यक्तिगत वित्तीय सलाह नहीं। पहचान, KYC, नामांकन, उत्तराधिकार और दावा दस्तावेज़ बैंक तथा मामले के अनुसार बदल सकते हैं; नवीनतम सूची और प्रक्रिया RBI व संबंधित बैंक से जांचें।

स्रोत

  1. भारतीय रिज़र्व बैंक : UDGAM पोर्टल FAQ
  2. भारतीय रिज़र्व बैंक : UDGAM की शुरुआत पर प्रेस विज्ञप्ति
  3. भारतीय रिज़र्व बैंक : DEA Fund Scheme FAQ
  4. RBI Kehta Hai : UDGAM सार्वजनिक जागरूकता पृष्ठ
  5. RBI : आधिकारिक UDGAM पोर्टल

हमें बेहतर बनाने में मदद करें

क्या यह लेख उपयोगी था?

एक गुमनाम प्रतिक्रिया Sona News को लेख, शीर्षक और स्रोत-संदर्भ बेहतर करने में मदद करती है।

आगे पढ़ें

एक हाथ स्मार्टफोन पर संदिग्ध कॉल समाप्त कर रहा है; पास में भुगतान कार्ड रोका गया है और दूसरे फोन से स्वतंत्र पुष्टि की तैयारी है।
पैसा
अपनों की आवाज़ में पैसे माँगे जाएँ? कॉल काटें, दूसरे रास्ते से पुष्टि करें

आवाज़ पहचान में आना अब भुगतान का प्रमाण नहीं है। घबराहट के क्षण में कॉल बंद करें, अपने नंबर से वापस संपर्क करें और बैंक को सूचना दें। यह छोटा क्रम नुकसान की संभावना घटा सकता है।

पढ़ना जारी रखें

संबंधित लेख

खुले दीवार वाले एसी में आधा धूल भरा फिल्टर, सूखा जाली फिल्टर, ब्रश, खिड़की और नमी का प्रतीक घर
सिर्फ एसी फिल्टर धोना काफी नहीं: नमी, हवा और ड्रेन भी जाँचें
खाली स्क्रीन वाला फोन टूटी नेटवर्क तरंगों के बीच, पास में अलग SIM, धुंधला डिब्बा लेबल और खाली शिकायत पत्र तकनीक
फोन चोरी पर SIM बंद करना काफी नहीं: CEIR पर IMEI भी ब्लॉक करें
नीली अवधारणात्मक पृथ्वी पर भारत को उभारते हुए एक सामान्य उपग्रह के ऊपर तीन कक्षा चाप और तीन सुनहरे चरण-बिंदु अंतरिक्ष
EOS-05 के तीन कक्षा बदलाव पूरे: अभी “ऑपरेशनल” कहना जल्दबाज़ी
नेहा सक्सेना, संपादक, Sona News हिन्दी: AI से बनाया गया वर्चुअल पर्सोना पोर्ट्रेट
लेखक
नेहा सक्सेना
Sona News हिन्दी संपादक

नेहा सक्सेना Sona News हिन्दी की स्पष्ट रूप से बताई गई वर्चुअल संपादकीय पर्सोना हैं। उनका काम सीधे स्रोतों को व्यवस्थित करके पाठकों के लिए व्यावहारिक असर और सीमाएँ साफ़ करना है।

अगला लेख ₹5 लाख जमा बीमा: एक बैंक की शाखाएँ जुड़ती हैं, अलग बैंक अलग गिने जाते हैं